Techniques

मोती (Moti – चंद्र)

विधि:

  1. मोती को एक रात पहले कच्चे दूध और शहद में डुबोकर रखें।
  2. अगले दिन (सोमवार सुबह) इसे निकाल लें।
  3. हाथ जोड़कर (नमस्कार मुद्रा) हथेलियों के बीच रखें।
  4. 108 बार मंत्र जप करें।
  5. चाँदी की अंगूठी में पहनें (छोटी उंगली में)।
  6. बचे हुए दूध-शहद को किसी पेड़ की जड़ में अर्पित करें।

बीज मंत्र:
👉 ॐ सों सोमाय नमः

माणिक (Ruby – सूर्य)

विधि:

  1. रविवार से पहले रात दूध-शहद में रखें।
  2. रविवार सुबह निकालें।
  3. नमस्कार मुद्रा में पकड़ें।
  4. 108 बार मंत्र जप करें।
  5. सोने की अंगूठी में अनामिका (ring finger) में पहनें।
  6. शेष मिश्रण पेड़ की जड़ में डालें।

बीज मंत्र:
👉 ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः

नीलम (Neelam, शनि)

विधि:

  1. शनिवार से पहले रात दूध-शहद में रखें।
  2. शनिवार सुबह निकालें।
  3. हाथ जोड़कर पकड़ें।
  4. 108 बार मंत्र जप करें।
  5. मध्यमा (middle finger) में पहनें।
  6. अवशेष पेड़ की जड़ में डालें।

बीज मंत्र:
👉 ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

हॉर्स रिंग (Horse Ring)

विधि:

  1. शनिवार से पहले दूध-शहद में रखें।
  2. शनिवार को निकालें।
  3. नमस्कार मुद्रा में रखें।
  4. 108 बार मंत्र जप करें।
  5. मध्यमा उंगली में पहनें।
  6. शेष सामग्री पेड़ की जड़ में डालें।

बीज मंत्र:
👉 ॐ शं शनैश्चराय नमः

चाँदी की अंगूठी (शुक्र)

विधि:

  1. शुक्रवार से पहले रात दूध-शहद में रखें।
  2. शुक्रवार सुबह निकालें।
  3. नमस्कार मुद्रा में रखें।
  4. 108 बार मंत्र जप करें।
  5. अनामिका या छोटी उंगली में पहनें।
  6. शेष पेड़ की जड़ में डालें।

बीज मंत्र:
👉 ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

ओपल (Opal – शुक्र)

विधि: (शुक्रवार)
ऊपर जैसी ही प्रक्रिया अपनाएँ।

बीज मंत्र:
👉 ॐ शुक्राय नमः

हीरा (Diamond – शुक्र)

विधि: (शुक्रवार)

  1. दूध-शहद में रखें
  2. सुबह निकालें
  3. मंत्र जप (108 बार)
  4. अनामिका में पहनें
  5. अवशेष पेड़ में

बीज मंत्र:
👉 ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

मूंगा (Coral – मंगल)

विधि:

  1. मंगलवार से पहले दूध-शहद में रखें।
  2. मंगलवार सुबह निकालें।
  3. नमस्कार मुद्रा में रखें।
  4. 108 बार मंत्र जप करें।
  5. अनामिका में पहनें।
  6. अवशेष पेड़ की जड़ में डालें।

बीज मंत्र:
👉 ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

पन्ना (Emerald – बुध)

विधि:

  1. बुधवार से पहले दूध-शहद में रखें।
  2. बुधवार सुबह निकालें।
  3. हाथ जोड़कर रखें।
  4. 108 बार मंत्र जप करें।
  5. छोटी उंगली में पहनें।
  6. अवशेष पेड़ में डालें।

बीज मंत्र:
👉 ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः

पुखराज (Pukhraj – गुरु)

विधि:

  1. गुरुवार से पहले दूध-शहद में रखें।
  2. गुरुवार सुबह निकालें।
  3. नमस्कार मुद्रा में रखें।
  4. 108 बार मंत्र जप करें।
  5. तर्जनी (index finger) में पहनें।
  6. अवशेष पेड़ की जड़ में डालें।

बीज मंत्र:
👉 ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

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